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नशे में चूर रईसजादे की थार ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार
By Lokjeewan Daily - 03-06-2026

जयपुर। रफ्तार का नशा, रईसी का घमंड और शराब के सुरूर ने एक बार फिर जयपुर की सड़कों पर एक मासूम जिंदगी को बेरहमी से कुचल दिया। पिंक सिटी के जगतपुरा इलाके में 1 जून की देर रात एक ऐसा रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा हुआ, जिसने न केवल एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को हमेशा-हमेशा के लिए दफ़्न कर दिया, बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जयपुर के महल रोड पर नशे में धुत एक MBBS छात्र ने अपनी तेज रफ्तार थार (SUV) गाड़ी से बाइक सवार युवक को इतनी भयानक टक्कर मारी कि देखने वालों की रूह कांप गई。 टक्कर के बाद बेकाबू थार बाइक और उस पर सवार युवक को करीब 150 मीटर तक बेरहमी से घसीटती चली गई। 
यह दर्दनाक हादसा देर रात करीब डेढ़ से दो बजे के बीच रामनगरिया थाना क्षेत्र में अक्षयपात्र चौराहे के पास हुआ。 मूल रूप से दौसा के रहने वाले 28 वर्षीय राकेश मीणा अपने परिवार के साथ जगतपुरा के आरती नगर में रह रहे थे。 वह देर रात कुंभा मार्ग से बॉम्बे हॉस्पिटल की ओर जा रहे थे, तभी काल बनकर आई तेज रफ्तार थार ने उन्हें रौंद डाला。 मौके पर मौजूद साहसी प्रत्यक्षदर्शियों—अमर सिंह और सूर्यांश तंवर ने भागती हुई थार को अपनी जान पर खेलकर आगे जाकर रोका。 थार के भीतर का नजारा बेहद हैरान करने वाला था; गाड़ी के अंदर बीयर की बोतलें और केन बिखरी पड़ी थीं और उसमें सवार तीनों युवक नशे में पूरी तरह चूर थे。 कार की कमान एक MBBS स्टूडेंट के हाथ में थी。

नियति का क्रूर खेल देखिए कि राकेश मीणा कुछ समय से अपने परिवार के साथ ब्यावर में रह रहे थे。 महज 5 दिन पहले ही वे अपनी पत्नी और दो मासूम बेटों—दक्ष (8 वर्ष) और कृष्णा (4 वर्ष) के साथ सुनहरे भविष्य के सपने संजोकर जयपुर शिफ्ट हुए थे。 किसे पता था कि जयपुर की ये चमचमाती सड़कें उनके बच्चों से उनके पिता का साया हमेशा के लिए छीन लेंगी。 लहूलुहान राकेश को तुरंत महात्मा गांधी हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन जख्म इतने गहरे थे कि इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया。

इस मामले में आरोपी पक्ष की अमानवीयता यहीं नहीं रुकी。 परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद आरोपी पक्ष के करीब 8 रसूखदार युवक महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंच गए और वहां पीड़ित परिवार के साथ गाली-गलौज और हाथापाई करते हुए जमकर हंगामा किया。 स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस को बल प्रयोग कर मामला शांत कराना पड़ा。
वहीं, राकेश की बड़ी बहन ज्योति मीणा ने पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पर बेहद गंभीर और संवेदनशील सवाल उठाए हैं。 उन्होंने आरोप लगाया कि जेएनयू हॉस्पिटल में पोस्टमॉर्टम से पहले शव के साथ छेड़छाड़ की गई है। परिजनों ने शव के सिर पर कुछ अजीब कट और निशान देखे हैं, जिससे पूरे मामले में किसी बड़ी लीपापोती का संदेह गहरा गया है। परिजनों का यह भी कहना है कि उन्हें हादसे की सूचना बेहद देर से दी गई।

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