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Update Google Chromeब्रेकिंग न्यूज़
दिल्ली । पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी को लेकर एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। इस वीडियो में दावा किया गया कि सेना प्रमुख ने भारत और तालिबान के बीच संबंधों या बातचीत को लेकर बयान दिया है। हालांकि, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक टीम ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। पीआईबी फैक्ट चेक में यह स्पष्ट हो गया कि जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वायरल वीडियो को डिजिटल रूप से संपादित और छेड़छाड़ करके तैयार किया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि सेना प्रमुख के नाम से गलत जानकारी फैलाई जा सके। जांच में पाया गया कि वीडियो में मौजूद कथित बयान वास्तविक नहीं है और उसे तकनीकी माध्यमों से वीडियो में जोड़कर पेश किया गया है। फैक्ट चेक इकाई के अनुसार, यह वीडियो भारत विरोधी दुष्प्रचार अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना और सरकारी संस्थानों के बारे में भ्रम और अविश्वास फैलाना है। हाल के वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीपफेक तकनीक के इस्तेमाल से ऐसे फर्जी वीडियो बनाना आसान हो गया है, जिसके कारण गलत सूचनाएं तेजी से फैल रही हैं।
पीआईबी ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले किसी भी वीडियो, फोटो या दावे को बिना सत्यापन के साझा न करें। विशेष रूप से राष्ट्रीय सुरक्षा, सेना और सरकार से जुड़े मामलों में केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि पिछले दिनों सोशल मीडिया पर पाकिस्तान से जुड़े एक प्रोपेगेंडा हैंडल ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लेकर भी झूठ परोसा था। पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा द्वारा यह वायरल किया जा रहा था कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी को भारत का समर्थन देने से संबंधित एक बयान दिया है। हालांकि जांच में यह पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा पूरी तरह झूठा व निराधार साबित हुआ है।
सरकार की फैक्ट चेक एजेंसी ने इस दावे को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया। एजेंसी ने इस संबंध में जानकारी देते हुए स्पष्ट किया था कि रक्षा मंत्री ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा दावा पूरी तरह भ्रामक है। सरकार ने नागरिकों से कहा कि यदि उन्हें भारत सरकार से संबंधित कोई संदिग्ध या भ्रामक सामग्री दिखाई देती है तो उसकी जानकारी पीआईबी फैक्ट चेक को दें। इसके लिए व्हाट्सएप नंबर 91 8799711259 और ईमेल आईडी पर शिकायत भेजी जा सकती है।
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