
It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.
Please update to continue or install another browser.
Update Google Chromeब्रेकिंग न्यूज़
मुंबई । पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के बीच वैश्विक बाजारों के मिले-जुले संकेतों के चलते सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार तेजी के साथ हरे निशान में खुला और प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 50 बढ़त के साथ ट्रेड करते हुए नजर आए, क्योंकि निवेशक निकट भविष्य में अमेरिका-ईरान व्यापार समझौते की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
शुरुआती कारोबार में, खबर लिखे जाने तक (सुबह 9:19 बजे तक) 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 293.10 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 75,076.56 पर था, तो वहीं निफ्टी50 99.65 अंक या 0.42 प्रतिशत बढ़कर 23,641.75 पर पहुंच गया।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.52 प्रतिशत और 0.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया में तेजी आई, जबकि निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी ऑटो और निफ्टी हेल्थकेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा।
निफ्टी50 पैक में इंटरग्लोब एविएशन, एशियन पेंट्स, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, टीसीएस, एचसीएल टेक और विप्रो के शेयरों में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई।
एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि पिछले कुछ सप्ताह के निचले स्तरों से उबरते हुए कच्चे तेल की कीमतों में दोबारा तेजी देखने को मिली है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड लगभग 89-90 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में कारोबार कर रहा है। हालांकि यह स्तर महीने की शुरुआत में बने उच्च स्तरों से नीचे है, लेकिन हालिया बढ़त इस बात का संकेत है कि बाजार अमेरिका-ईरान वार्ता के अंतिम नतीजों को लेकर सतर्क है। निवेशकों को आशंका है कि यदि बातचीत में कोई बाधा आती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार मार्गों पर असर पड़ सकता है।
एक्सपर्ट ने कहा कि बाजार की नजर विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की गतिविधियों पर भी बनी रहेगी। हाल के कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशक लगातार बिकवाली कर रहे हैं, जो उभरते बाजारों के प्रति उनकी सतर्कता को दर्शाता है। विदेशी पूंजी का लगातार बाहर जाना भारतीय बाजारों की तेजी पर अंकुश लगाने वाला प्रमुख कारण बना हुआ है। हालांकि घरेलू निवेशकों की मजबूत भागीदारी बाजार को सहारा दे रही है, फिर भी विदेशी निवेश प्रवाह में सुधार के बिना बड़ी तेजी की संभावना सीमित दिखाई देती है।
अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़ी खबरें, पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें, रुपए की चाल और विदेशी निवेशकों का रुख आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। जब तक वैश्विक स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
एक्सपर्ट के मुताबिक, तकनीकी रूप से निफ्टी 50 अभी भी दबाव में दिखाई दे रहा है। ऊपरी स्तरों पर लगातार बिकवाली और मजबूत खरीदारी की कमी बाजार को सीमित दायरे में रख रही है। फिलहाल 23,750 से 23,800 का स्तर निफ्टी के लिए तत्काल प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) बना हुआ है। इसके ऊपर 24,000 से 24,100 का दायरा एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस के रूप में देखा जा रहा है।
यदि निफ्टी इन स्तरों के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है, तो बाजार में नई तेजी देखने को मिल सकती है और इंडेक्स 24,200 से 24,400 तक का स्तर छू सकता है। दूसरी ओर, 23,500 के स्तर पर निकटतम सपोर्ट बना हुआ है, जबकि 23,300 से 23,000 का स्तर मजबूत आधार प्रदान कर रहा है। यदि निफ्टी इन सपोर्ट स्तरों के नीचे फिसलता है, तो बाजार में और दबाव बढ़ सकता है।
अंधड़-बारिश व ओले गिरने की चेतावनी, एक्टिव हुआ नया पश्चिमी विक्षो . . .
2026-06-03 13:45:01
- मदन राठौड़ माफी मांगे,नहीं तो कानूनी कार्रवाई करेंगे:बेनीवाल . . .
2026-06-03 13:32:04
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की जीरो टॉलरेंस नीति: अवैध वाहन मॉडिफिके . . .
2026-06-02 13:53:21
नशे में चूर रईसजादे की थार ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार . . .
2026-06-03 13:42:22
टैक्सकॉन-2026 शिखर' 26 जून को राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) में . . .
2026-06-03 13:29:28
पेपरलीक सरगना तुलछाराम की अंतरिम जमानत खारिज . . .
2026-06-02 13:32:54