It is recommended that you update your browser to the latest browser to view this page.

Please update to continue or install another browser.

Update Google Chrome

केंद्र सरकार ने आप्रवास और विदेशियों के नियमों को किया अधिसूचित, प्रक्रिया में कई बदलाव
By Lokjeewan Daily - 02-06-2026

नई दिल्ली । केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने आप्रवास और विदेशियों के नियमों में संशोधनों का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत यह अनिवार्य किया गया है कि भारत में 180 दिनों तक के वीजा पर आने वाले विदेशियों को, अगर वे देश में अपना प्रवास बढ़ाना चाहते हैं, तो अपने वीजा की अवधि समाप्त होने से पहले ही अपना पंजीकरण करवाना होगा। 1 जून की राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से अधिसूचित ये संशोधन नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। 'आप्रवास और विदेशियों विषयक नियम-2026' के तहत विदेशियों के पंजीकरण की प्रक्रिया, भारतीय माता-पिता वाले बच्चों से जुड़े प्रावधानों, आपातकालीन पंजीकरण मामलों और अपील तंत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इस संशोधन के अनुसार, भारत में आगमन के 180 दिन पूरे होने से पहले कभी भी पंजीकरण कराया जा सकता है। पहले, 180 दिन की अवधि समाप्त होने के 14 दिनों के भीतर पंजीकरण कराना अनिवार्य था। हालांकि, इस अवधि के बाद पंजीकरण सिर्फ आपातकालीन परिस्थितियों में ही स्वीकार्य होगा।
अधिसूचना में कहा गया है कि निर्धारित अवधि के बाद विलंबित पंजीकरण की अनुमति सिर्फ असाधारण परिस्थितियों में ही दी जाएगी। इसमें यह शर्त जोड़ी गई है कि ऐसा पंजीकरण केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही प्रदान किया जाएगा।
गृह मंत्रालय ने उन बच्चों के संबंध में छूट भी शुरू की है, जो भारतीय और विदेशी, दोनों तरह की नागरिकता का दावा कर सकते हैं। संशोधित नियमों के तहत, पंजीकरण की आवश्यकता उन मामलों में लागू नहीं होगी, जहां माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक हो और 'नागरिकता अधिनियम-1955' की धारा 3 के तहत बच्चे की भारतीय नागरिकता को बनाए रखना चाहता हो।
अधिसूचना में आगे यह भी प्रावधान है कि अगर बच्चा भारत में रहते हुए बाद के किसी चरण में किसी विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त कर लेता है, तो माता-पिता में से कोई एक, बच्चे की ओर से विदेशी देश की नागरिकता प्राप्त करने के 30 दिनों के भीतर पंजीकरण अधिकारी को इस स्थिति की सूचना देगा।
एक अन्य संशोधन में, सरकार ने नियम 18 के तहत रिपोर्टिंग की समय-सीमा से संबंधित एक प्रावधान को ठीक किया है। इसमें 'लेकिन 24 घंटे से अधिक' वाक्यांश को बदलकर 'लेकिन चौबीस घंटे से अधिक नहीं' कर दिया गया है।
इस संशोधन ने 'आप्रवास और विदेशियों विषयक नियम-2025' के तहत नागरिक अधिकारियों की ओर से जारी निर्देशों से असंतुष्ट मालिकों या संरक्षकों के लिए उपलब्ध अपील प्रक्रिया को भी नया रूप दिया है। अब अपीलें, ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन के आयुक्त के समक्ष, 30 दिनों के भीतर एक निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दायर की जानी अनिवार्य हैं। संशोधित नियमों के अनुसार, कमिश्नर सुनवाई का उचित अवसर देने के बाद, एक तर्कसंगत आदेश पारित करेंगे और आमतौर पर अपील मिलने की तारीख से साठ दिनों के भीतर कार्यवाही पूरी करने का प्रयास करेंगे।

अन्य सम्बंधित खबरे